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राज्य में मिला कोरोना का JN. 1 वेरिएंट, सभी राज्यों को जारी हुआ अलर्ट

राज्य में मिला कोरोना का JN. 1 वेरिएंट, सभी राज्यों को जारी हुआ अलर्ट

राज्य में मिला कोरोना का JN. 1 वेरिएंट, सभी राज्यों को जारी हुआ अलर्ट

New Coronavirus variant: कोरोना का नए सब वेरिएंट JN.1 सामने आया है। केरल में इसका केस सामने आया है। अबतक 111 नए मामले सामने आए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कई राज्यों के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है। यह नया वेरिएंट चीन, सिंगापुर और यूएसए में पाया गया और इसके बाद भारत में भी देखने को मिला। इसके बाद संभावना है कि मामले और बढ़ जाएं। इसके लिए राज्यों को अलर्ट दिया गया है। साथ ही सरकार ने 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए मास्क को जरूरी कर दिया गया है। आइए कोरोना के इस नए वेरिएंट के बारे में जरूरी सवाल के बारे में जानते हैं।

बता दें कि JN.1 वैरिएंट ओमिक्रॉन वैरिएंट का ही एक सब-वैरिएंट है। यानी कोरोना का ये कोई नया वेरिएंट नहीं है। सबसे पहले यह वेरिएंट दिसंबर 2022 में लक्जमबर्ग में मिला था। अभीतक यह दुनियाभर में 40 से ज्यादा देशों में फ़ैल चुका है।

  1. JN.1 वेरिएंट के लक्षण अन्य ओमिक्रॉन सब-वेरिएंट जैसे ही हैं। इसमें बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, थकान, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और गले में खराश शामिल हैं। वहीं अन्य मामलों JN.1 वेरिएंट से पीड़ित लोग स्वाद या गंध की हानि, उल्टी या दस्त जैसे लक्षण भी हो सकते हैं।
  2. JN.1 वेरिएंट ओमिक्रॉन के अन्य सब वेरिएंट की तुलना में ज्यादा संक्रामक है। स्टडी में जानकारी सामने आई कि JN.1 वेरिएंट के एक संक्रमित व्यक्ति से संपर्क में आने वाले लोगों के संक्रमित होने की संभावना अन्य ओमिक्रॉन उप-वैरिएंट के मामले में 1.2 गुना ज्यादा थी।
  3. JN.1 वेरिएंट से होने वाली बीमारियों के बारे में साफतौर कुछ नहीं कहा गया है। जांच से पता चलता है कि इस वेरिएंट से बीमार होने वाले लोग ऑमिक्रॉन की तुलना में ज्यादा गंभीर नहीं हैं। हालांकि एक्सपर्ट इस मामले को लेकर रिसर्च कर रहे हैं, जिससे इसके बारे में और ज्यादा जानकारी मिल सके।
  4. JN.1 वेरिएंट से बचाव करने के लिए वैक्सीनेशन और बूस्टर शॉट लेना, मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंस बनाना और अपने हाथों को बार-बार धोना आदि शामिल है।
  5. JN.1 वेरिएंट के प्रसार को रोकने के लिए सरकारें वैक्सीनेशन और बूस्टर शॉट को तेज किया जा सकता है। मास्क लगाने और सामाजिक दूरी बनाए रखने के साथ नियमों को लागू करने के साथ टेस्टिंग को भी बढ़ाया जा सकता है।
  6. एक्सपर्ट का कहना है कि, JN.1 के लक्षण कुछ अधिक गंभीर नहीं हैं और ज्यादा खतरा नहीं है। पर आने वाले समय में इसके और ज्यादा म्यूटेशन देखने को मिलेंगे। हालांकि अभी एक मामला सामने आया है। पर अभीतक मरीजों को अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया है।
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