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कम्प्यूटर ऑपरेटर बना लखपति:सरकारी नौकरी के नाम पर ठगे 18 लाख बोला- एग्जाम में फेल भी हो गए तो जॉब मिलेगी ऐसी सेटिंग है

कम्प्यूटर ऑपरेटर बना लखपति:सरकारी नौकरी के नाम पर ठगे 18 लाख बोला- एग्जाम में फेल भी हो गए तो जॉब मिलेगी ऐसी सेटिंग है

Lakhpati became a computer operator: 18 lakhs

रायपुर में फिर एक मामला सामने आया है। इसमें सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर 18 लाख रुपए ठगे गए हैं। ठगी करने वाला शख्स सरकारी विभाग में कम्पयूटर ऑपरेटर है। खुद को लोगों को ठग कर ये लखपति बन गया मगर बेरोजगार जो इसके झांसे में आए उन्होंने अपनी जमा पूंजि गंवा दी। अब मामला रायपुर कलेक्टर के पास पहुंचा है, पीड़ित ने इस मामले में कम्पयूटर ऑपरेटर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

मामला रायपुर के गुढ़ियारी इलाके का है। बेरोजगारों को ठगने वाले का नाम अविनाश सिंह ठाकुर है ।वर्तमान में अविनाश सिंह ठाकुर छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के गुढ़ियारी जोन में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर काम करता है। आरोप है कि इसने गुढ़ियारी के शुक्रवारी बाजार इलाके में रहने वाले अविनाश घरडे और अनुराग घरडे नाम के दो भाइयों के साथ ठगी की।

ऐसी सेटिंग करवाई है कि नौकरी मिलेगी
आरोपी अविनाश ने घरडे भाइयों से हमेशा यही कहा कि उसने ऐसी सेटिंग करवाई है कि उन्हें नौकरी मिलेगी ही, चाहे जो कुछ हो जाए । उसने यह तक दावा किया कि अधिकारियों के साथ उसने डील की है कि अगर वह एक सिलेक्शन एग्जाम में फेल भी हो जाएं तो भी नौकरी मिलेगी। इस तरह की बातों से झांसे में आकर दोनों युवक इस ठगी कांड का शिकार हो गए।

आरोपी ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड में जूनियर एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के पद पर शासकीय नौकरी दिलाने के नाम पर अलग-अलग तारीखों और अलग-अलग बहाने बनाकर इन युवकों से करीब 18 लाख रुपए ले लिए। इस पूरे कांड में अविनाश की पत्नी गरिमा ठाकुर भी शामिल रही और आरोपी ने अपनी पत्नी के खातों में भी रकम ट्रांसफर करवाई।

मां-बाप के पैसों को आरोपी को दिया दोनों की मौत
अविनाश के खिलाफ शिकायत और घरड़े भाइयों ने रायपुर के कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर बुरे से की है। पीड़ित युवक अविनाश ने बताया कि मैंने इलेक्ट्रिकल प्लस इलेक्ट्रॉनिक्स में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। मेरे छोटे भाई अनुराग ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया है। हमारे पिता स्वर्गीय शेषराव घरडे के रिटायरमेंट के बाद मिली रकम को हमने नौकरी की आस में आरोपी अविनाश को दे दिया। कुछ समय पहले हमारी मां का भी निधन हो गया, उनके गहनों को गिरवी रखकर हमने रुपए आरोपी को दिए मगर ना हमें नौकरी मिली और ना ही रुपए। मां-पिता दोनों का कुछ समय पहले निधन हो गया। अब इसलिए हम इस मामले में कार्रवाई चाहते हैं ताकि किसी और बेरोजगार युवक युवती के साथ इस तरह की घटना ना हो।

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