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SEX RACKET: सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, सादे कपड़ो मे पुलिस ने दी दबिश हुआ फिर मामले का खुलासा

एक बार फिर सेक्स रैकेट का खुलासा हुआ है। करीब हर माह इस तरह के अवैध धंधे का एक मामला उजागर होता है। नाच/गाना और आर्केस्ट्रा की आड़ में देह व्यापार का धंधा चलता है। पुलिस के पकड़ से बचने के लिए ये धंधेबाज गाना/बजाना की बात कहते रहते हैं, जबकि इसकी आड़ में क्या होता है, इसका खुलासा तब होता है, जब पुलिस की छापेमारी में धंधेबाज पकड़े जाते हैं। गुरुवार की रात पुलिस ने किराये के मकान में चल रहे सेक्स रैकेट का पर्दाफाश करने के साथ ही एक नाबालिग को मुक्त भी कराया है। इस अवैध धंधे में संलिप्त दो महिलाओं के आलावा मकान मालिक को भी दबोचा गया है।

एनजीओ की सूचना पर छापेमारी
बताया गया है कि एक एनजीओ ने एसपी को सूचना दी थी कि मेहसौल ओपी क्षेत्र के वार्ड 37 के सुंदर नगर, बसवरिया में एक मकान में सेक्स रैकेट चलता है। इसके भंडाफोड़ के लिए एसपी हर किशोर राय ने हेड क्वार्टर डीएसपी-दो राकेश कुमार रंजन के नेतृत्व में पुलिस की स्पेशल टीम गठित की। रात्रि में यह टीम मौके पर पहुंची। बताया गया है कि संबंधित मकान में एक पुलिस कर्मी को सादे लिबास में यानी ग्राहक बना कर भेजा गया। उसने अंदर का देखा और पूरी सच्चाई से बाहर खड़े पुलिस अफसरों को जानकारी दी। फिर पुलिस कर्मियों ने छापेमारी कर एक नाबालिग को इस धंधे से मुक्त कराया। मौके से दो महिलाओं एवं मकान मालिक को पकड़ा गया। हालांकि सरगना पुलिस की पकड़ में नहीं आ सका है। वह पुनौरा थाना क्षेत्र के खैरवा गांव का रहने वाला है। पुलिस में खैरवा स्थित उसके घर पर छापेमारी की है, लेकिन वह पकड़ा नहीं जा सका है। पकड़े गये मकान मालिक का नाम चंदन साह बताया गया है।

जनवरी में भी एक नाबालिग मुक्त
गौरतलब है कि जनवरी 2023 में पुलिस ने शहर के मेला रोड स्थित एक मकान में छापेमारी कर सेक्स रैकेट का खुलासा किया था। इस गंदे धंधे में संलिप्त संचालक के आलावा तीन महिलाओं को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। उक्त कार्रवाई महिलाओं की सुरक्षा एवं उनके अधिकारों के लिए कार्यरत जीवीआई नामक एक एनजीओ की सूचना पर की गई थी। जिन्हें गिरफ्तार किया गया था, उनमें बैरगनिया थाना क्षेत्र की पिंकी देवी, शहर के रिंग बांध की मुन्नी देवी एवं चकमहिला की रिंकू देवी के आलावा रैकेट के संचालक मो. ईशा शाह शामिल थे। यहां से दो युवतियों को भी पकड़ा गया था, जिसे सरकारी गवाह बनाकर उसी दौरान मुक्त कर दिया गया था।

रेड लाइट से असम की युवती मुक्त
इससे पूर्व शहर से सटे रेड लाइट इलाके से पुलिस ने असम की एक युवती को मुक्त कराया था। धंधेबाज फरार होने में सफल रहा था। पुलिसिया कार्रवाई से रेड लाईट एरिया में इस नापाक धंधे से जुड़े महिला एवं पुरूषों में हड़कंप मच गया। कुछ देर के लिए भगदड़ की स्थिति बन गई थी। असम में युवती के परिजन द्वारा उसके अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इस बीच, किसी तरह युवती अपने परिजन को रेड लाईट एरिया में फंसे होने की जानकारी देने में सफल रही थी। परिजन सीतामढ़ी पहुंचे और एसपी को इसकी जानकारी दी। फिर एसपी के निर्देश पर डुमरा बीडीओ अमरेंद्र कुमार के नेतृत्व में नगर थाना पुलिस ने रेड लाइट एरिया में छापेमारी कर असम की युवती को मुक्त करा लिया था।

छह लड़कियां हुईं थी मुक्त
कुछ माह पूर्व पुलिस ने असम एवं पटना से फंसाकर सीतामढ़ी के रेड लाइट एरिया में देह व्यापार के धंधे में धकेली गई आधा दर्जन लड़कियों को मुक्त कराया था। पुलिस ने रेड लाइट यानी बोहा टोला में छापामारी कर वेश्यावृति के धंधे में संलिप्त सात धंधेबाजों की भी गिरफ्तारी की थी। बता दें कि सीतामढ़ी में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, नई दिल्ली का एक कार्यक्रम हुआ था। इसी कार्यक्रम में आयोग की टीम से जिला पुलिस को सूचना मिली कि सीतामढ़ी के रेडलाइट एरिया में बाहर से लड़कियों को फंसाकर लाया गया है और उनसे देह व्यापार कराया जा रहा है। इसी सूचना पर उक्त छापेमारी की गई थी।

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