आखिर क्यों? होती है पानी की बोतल में एक्सपायरी डेट

आखिर क्यों? होती है पानी की बोतल में एक्सपायरी डेट

होती है पानी की बोतल में एक्सपायरी डेट

क्यों होती है plastic water bottle expiry date दरअसल बोतल बंद पानी में एक्सपायरी डेट पानी के खराब होने की नहीं होती. वो दरअसल प्लास्टिक बोतल की एक्सपायरी डेट होती है. गर्मी और धूप में प्लास्टिक धीरे-धीरे खराब होता रहता है. धूप में माैजूद UV किरणें भी प्लास्टिक को तोड़ सकती हैं. यानी इसके केमिकल को बदल सकती हैं.

पानी में रिसता है प्लास्टिक?

देखने में तो लगता है कि प्लास्टिक तो कभी घुलता नहीं होगा. प्लास्टिक तो सालों-साल चलता है. ये तो वॉटर प्रूफ चीज है. लेकिन ऐसा भी नहीं है. प्लास्टिक बेहद महीन टुकड़ों में टूटता रहता है, जिसे माइक्रोप्लास्टिक कहते हैं. इसके अलावा सॉफ्ट प्लास्टिक बोतल हजारों तरह के केमिकल पानी में छोड़ सकती हैं. ये केमिकल अपने आप में इंसानों के लिए खतरनाक हो सकते हैं. हमें बीमार भी कर सकते हैं.

इसलिए प्लास्टिक बोतल में भरे पानी के खराब होने के चांस रहते हैं. क्योंकि प्लास्टिक के खतरनाक केमिकल धीरे-धीरे पानी में घुल सकते हैं. साथ ही बोतल वाले पानी में प्लास्टिक जमा होता रह सकता है. तभी बोतल पर एक्सपायरी लिखी जाती है. दूसरे शब्दों में समझें तो बोतल बंद पानी में लिखी एक्सपायरी पानी के लिए नहीं बल्कि प्लास्टिक की बोतल के लिए लिखी जाती है.

Updated: February 28, 2024 — 4:32 pm