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राज्य में सेवानिवृत्ति आयु में 3 वर्ष की वृद्धि संभव, 62 से बढ़कर होंगे 65 वर्ष! इन्हें मिलेगा लाभ

राज्य में कर्मचारियों को जल्द सेवानिवृत्ति आयु में वृद्धि का लाभ मिल सकता है। दरअसल इसके लिए LG द्वारा घोषणा की गई थी। इस घोषणा के साथ ही अब उनकी सेवानिवृत्ति आयु 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष की जाएगी। इसके लिए शिक्षकों और प्रोफेसर की एक टीम सरकार को निर्णय आगे बढ़ाने के लिए लगातार उन पर दबाव बना रही है।

सेवानिवृत्ति आयु 62 से बढ़कर 65 वर्ष

दरअसल जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल द्वारा 23 नवंबर 2022 को महत्वपूर्ण घोषणा की गई थी। जिसमें कहा गया था कि जम्मू-कश्मीर के सभी विश्वविद्यालय में शिक्षक और प्रोफ़ेसर की सेवानिवृत्ति आयु 62 साल की बजाय 65 साल की जाएगी। दरअसल प्रोफेसरों की लगातार हो रही कमी को देखते हुए तत्काल प्रभाव से यह निर्णय लिया गया था। एलजी द्वारा कश्मीर विश्वविद्यालय युवा महोत्सव 2022 के उद्घाटन समारोह में की गई थी।

इस दौरान एलजी ने कहा था कि कश्मीर विश्वविद्यालय के कुलपति ने बुनियादी ढांचा और फैकल्टी की कमी का मुद्दा उठाया है और इसको देखते हुए लगातार फैकल्टी की कमी पर एक तत्काल समाधान के रूप में संकाय की सेवानिवृत्ति आयु 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष की जानी चाहिए। हालांकि एलजी के इस निर्णय के साथ ही जम्मू-कश्मीर में हजारों शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए यह फैसला बेहद चौंकाने वाला साबित हुआ है। वहीं इस घोषणा पर एलजी मनोज सिन्हा के खिलाफ शिक्षित बेरोजगार युवा उग्र हो गए हैं।

प्रोफ़ेसर के पक्ष में सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने की अपील 

फिलहाल नवंबर में हुई सेवानिवृत्ति आयु को वृद्धि की घोषणा के बाद अभी इस मुद्दे पर कोई भी प्रगति नहीं हुई है। सभी क्षेत्रों के लोगों से इस विषय पर आलोचनात्मक प्रक्रिया भी देखने को मिल रही है। इधर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर की एक टीम लगातार सरकार के निर्णय आगे बढ़ाने के लिए उन पर दबाव बना रही है। कुछ वरिष्ठ प्रोफेसर सहित सहायक और एसोसिएट प्रोफेसर की सेवानिवृत्ति आयु को 62 से बढाकर 65 रखने के लिए प्रोफ़ेसर के पक्ष में सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने के लिए सत्ता के लोगों से लगातार अपील भी की जा रही है।

शिक्षित बेरोजगार युवाओं की मांग 

शिक्षित बेरोजगार युवाओं द्वारा सोशल मीडिया पर इस फैसले का विरोध किया गया है। उनकी मांगे है कि सेवानिवृत्ति आयु को कम किया जाए। सेवानिवृत्ति की आयु में वृद्धि का युवा पीढ़ी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इस मामले में युवाओं का कहना है कि सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने के निर्णय प्राथमिकताओं के बीच एक बड़ा समझौता और सभी हितधारकों पर संभावित प्रभाव पर सावधानीपूर्वक इस पर विचार करने की आवश्यकता है।

गैर शिक्षण कर्मचारी द्वारा सेवानिवृत्ति आयु में वृद्धि की मांग 

वही एलजी के इस निर्णय के बाद युवाओं को चिंता है कि विश्वविद्यालय के संकाय की सेवानिवृत्ति आयु में वृद्धि से अन्य विभागों में भी कर्मचारी सेवानिवृत्ति आयु में वृद्धि की मांग करेंगे। कॉलेज शिक्षक सहित आईएएस-KAS अधिकारियों द्वारा भी इसकी मांग की जाएगी। यहां जम्मू कश्मीर विश्वविद्यालय के गैर शिक्षण कर्मचारी द्वारा भी सेवानिवृत्ति की आयु को 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष की जाने की मांग शुरू हो गई है।

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